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रंजिश शायरी हमेशा से ही दिल के सबसे गहरे जज़्बात को बयां करने का ज़रिया रही है। जब रिश्तों में दरारें आती हैं या मोहब्बत में कोई ग़लतफ़हमी होती है, तो दिल टूट जाता है और यही दर्द शब्दों में बदलकर शायरी का रूप ले लेता है। इस तरह की शायरी न सिर्फ़ दर्द को बयान करती है बल्कि सुनने वाले के दिल को भी छू लेती है।
रंजिश का मतलब है किसी रिश्ते या मोहब्बत में आई खटास, और शायरी इस खटास को भावनाओं से भरपूर अंदाज़ में व्यक्त करती है। इसमें मोहब्बत की चाहत भी होती है और बिछड़ने का ग़म भी। यही वजह है कि यह शायरी सुनने या पढ़ने वाले को गहरे तक महसूस होती है।
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इस शायरी को लोग अक्सर अपने दोस्त, प्रियजन या सोशल मीडिया पर साझा करते हैं, ताकि वे अपने दिल का दर्द ज़ाहिर कर सकें। चाहे वह यादों में डूबी रात हो या कोई अकेलापन, रंजिश शायरी दिल को हल्का करने का एक बेहतरीन सहारा बन जाती है।
रंजिश शायरी
रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ जाने के लिए आ
तेरे बिना जीना अब मुमकिन नहीं,
तेरी रंजिश भी मुझे प्यारी लगती है।Advertisement
गिला करते रहे तुझसे उम्र भर,
मगर तेरी मोहब्बत से कभी इनकार न किया।
तेरी खामोशी ने हमें कुछ ऐसा तोड़ा,
अब शब्द भी बेगाने लगते हैं।
रंजिशों के साये में भी तेरा खयाल आता है,
दिल को तुझसे शिकायत भी है और प्यार भी।
जो रंजिश तेरे दिल में है, वो बता क्यों नहीं देता,
क्यों मुझे हर रोज़ खामोशी से सताता है?
तू रूठा है तो कोई और सहारा नहीं,
तेरी रंजिश भी मेरी मोहब्बत से जुदा नहीं।
तेरी बेरुखी ने दिल को जला दिया,
मगर तुझसे मोहब्बत करना छोड़ा नहीं।
रंजिशें तेरे नाम की भी अच्छी लगती हैं,
तेरी यादें मेरी रूह का हिस्सा बन गई हैं।
तेरी नाराज़गी में भी एक अजीब सी मिठास है,
शायद मोहब्बत का यही असली एहसास है।
सोशल मीडिया पर रंजिश शायरी साझा करें
रंजिश शायरी का असर तब और गहरा होता है जब इसे दूसरों के साथ साझा किया जाए। आप इन पंक्तियों को आसानी से WhatsApp, Facebook, Twitter, Instagram या Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर शेयर कर सकते हैं। इससे न सिर्फ़ आपके दिल का बोझ हल्का होता है, बल्कि कई लोग इससे जुड़कर अपनी भावनाओं को भी महसूस कर पाते हैं।