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मज़ाहिया शायरी दिलों को हल्का करने और मुस्कान लाने का सबसे सुंदर तरीका है। जहाँ ज़िंदगी की गंभीरता बोझिल कर देती है, वहाँ कुछ हँसी भरे लफ़्ज़ दिल को राहत देते हैं। यह शायरी न सिर्फ़ मनोरंजन करती है बल्कि रिश्तों में ताज़गी और अपनापन भी भर देती है।
उर्दू और हिंदी साहित्य में मज़ाहिया शायरी की परंपरा बहुत पुरानी है। बड़े-बड़े शायरों ने भी अपने कलाम में हास्य का रंग भरकर श्रोताओं और पाठकों को हँसाया है। ऐसे अशआर सुनकर महफ़िलों का माहौल बदल जाता है और सभी के चेहरे खिल उठते हैं।
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आज के दौर में सोशल मीडिया के ज़रिए मज़ाहिया शायरी और भी लोकप्रिय हो गई है। लोग इन्हें पढ़कर, लिखकर और दोस्तों-परिवार को भेजकर हँसी और खुशी साझा करते हैं।
मज़ाहिया शायरी का जादू
हँसी को दवा कहा गया है और जब यह शायरी के लफ़्ज़ों में ढल जाए तो असर और भी गहरा हो जाता है। मज़ाहिया शायरी कभी किसी को चुटकी लेती है, कभी ज़िंदगी की उलझनों को हल्का करती है और कभी छोटे-छोटे मज़ाकों से दिल को ताज़ा कर देती है।
मज़ाहिया शायरी संग्रह
तुम्हारी हँसी इतनी प्यारी लगे, जैसे बिना EMI की गाड़ी हमारी लगे।
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इश्क़ में धोखा खा लिया, अब तो समोसा ही खा लिया।
तुम्हारी याद में नींद नहीं आती, वैसे भी गर्मियों में बिजली कहाँ आती।
चेहरे पे मुस्कान लाने की कोशिश की, बॉस ने काम देकर सारी कोशिश ख़त्म की।
दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है, जब वाई-फाई फ्री मिल जाती है।
मोहब्बत में वफ़ा तलाशते हो, भाई, ये तो नेटवर्क में भी नहीं मिलता।
तेरे इश्क़ ने हमें इतना मजबूर किया, अब WhatsApp DP भी सिंगल छोड़ दिया।
दिल ने कहा तुमसे प्यार करूँ, पेट ने कहा पहले बिरयानी ख़त्म करूँ।
तेरे इश्क़ में हम इतने खो गए, जैसे मोबाइल के चार्जर बिना सो गए।
मोहब्बत और Wi-Fi का क्या हाल है, कभी चलता है, कभी सिग्नल ही गायब हाल है।
मज़ाहिया शायरी शेयर करें
इन मज़ेदार शायरी को आप WhatsApp, Facebook, Twitter, Instagram और Telegram पर दोस्तों व परिवार के साथ साझा कर सकते हैं। हँसी बाँटने से रिश्ते और भी मज़बूत होते हैं और माहौल खुशनुमा बन जाता है। अगली बार जब आप किसी को हँसाना चाहें तो ये मज़ाहिया शायरी ज़रूर शेयर करें।