Advertisement
मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी उर्दू अदब का वो ख़ज़ाना है, जिसमें इश्क़, दर्द, हसरत और ज़िंदगी की हक़ीक़त का अनमोल संगम देखने को मिलता है। ग़ालिब का नाम सुनते ही दिलों में मोहब्बत और तड़प के जज़्बात जाग उठते हैं। उनकी शायरी हर दौर में उतनी ही असरदार रही है, जितनी उनके समय में थी।
ग़ालिब के अशआर आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। उनका अंदाज़-ए-बयां इतना गहरा और असरदार है कि पढ़ने वाले को अपने अहसासात में डूबो देता है। मोहब्बत के दर्द, जुदाई की कसक और इंसानी जज़्बातों को उन्होंने शब्दों में ऐसे पिरोया है कि हर पंक्ति दिल को छू जाती है।
Advertisement
ग़ालिब की शायरी सिर्फ मोहब्बत तक सीमित नहीं, बल्कि ज़िंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त, इंसानी कमज़ोरियों और तजुर्बों को भी बख़ूबी दर्शाती है। उनकी कलम से निकले शब्द आज भी लाखों दिलों में जगह बनाए हुए हैं।
यहाँ हम आपके लिए पेश कर रहे हैं मिर्ज़ा ग़ालिब की चुनिंदा शायरी, जो मोहब्बत, तन्हाई और ज़िंदगी की गहराइयों को छूती है।
मिर्ज़ा ग़ालिब की मशहूर शायरी
“हजारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले।”Advertisement
“दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है,
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है।”
“इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’,
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने।”
“कोई उम्मीद बर नहीं आती,
कोई सूरत नज़र नहीं आती।”
“हज़ारों ग़म हैं दिल में, मगर सुकून ये है,
कि जिसकी याद में रोते हैं, वो ख़ुदा तो नहीं।”
“रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।”
“हज़ार बार मैंने चाहा कि भूल जाऊँ उसको,
मगर हर बार ख़ुदा जाने क्यों याद आ गया।”
“न था कुछ तो ख़ुदा था, कुछ न होता तो ख़ुदा होता,
डुबोया मुझको होने ने, न होता मैं तो क्या होता।”
“ग़ालिब बुरा न मान जो वाइज़ बुरा कहे,
ऐसा भी कोई है कि सब अच्छा कहें जिसे।”
“हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन,
दिल के बहलाने को ‘ग़ालिब’ ये ख़याल अच्छा है।”
ग़ालिब की शायरी को शेयर करें
मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी को पढ़कर हर दिल में मोहब्बत और दर्द की तरंग जाग उठती है। इन अशआर को आप WhatsApp, Facebook, Twitter, Instagram और Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर अपने दोस्तों और अपनों के साथ साझा कर सकते हैं। शायरी का ये ख़ज़ाना महफ़िलों की रौनक बढ़ा देता है और दिल से दिल को जोड़ देता है।