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रमज़ान मुबारक का महीना दुनिया भर के मुसलमानों के लिए बरकतों और रहमतों का पवित्र समय है। इस महीने में रोज़े रखे जाते हैं और इबादत के साथ-साथ दुआओं और नेक कामों की अहमियत और भी बढ़ जाती है। शायरी इस पवित्र समय की भावनाओं को सुंदर शब्दों में व्यक्त करने का एक बेहतरीन तरीका है।
रमज़ान की शायरी इंसान के दिल को छू लेती है और उसे अल्लाह की याद में और गहराई से जोड़ देती है। जब कोई अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ रमज़ान मुबारक की शायरी साझा करता है तो न केवल खुशी का पैग़ाम पहुंचता है बल्कि मोहब्बत और भाईचारे की भावना भी बढ़ती है।
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रमज़ान का यह पवित्र महीना हमें सब्र, मोहब्बत और इंसानियत का सबक देता है। इसी वजह से शायरी में रमज़ान की बरकतों और उसकी रूहानियत का ज़िक्र हमेशा से खास महत्व रखता है।
रमज़ान मुबारक शायरी
रमज़ान का महीना रहमतें लाया है, हर दिल को सजदे में झुकाया है।
दुआओं से भरा ये पावन सफ़र, रब करे कबूल हर नेक असर।
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रोज़ों की बरकत, इबादत की रात, रमज़ान मुबारक हो दिल से साथ।
चांद से रोशन है ये महीना, रहमतों से भरा है सीना।
इबादत का सुख, दुआओं की मिठास, रमज़ान में मिलता है रूह का एहसास।
रोज़े की तासीर दिल को सवांरे, रमज़ान में बंदे खुदा को पुकारे।
सबर और मोहब्बत का है पैग़ाम, रमज़ान में मिलता है ईमान।
रहमतों की बरसात हर पल होती है, रमज़ान में दुआ हमेशा कबूल होती है।
पाक दिल से मांगी गई दुआ, रमज़ान में होती है ज़रूर पूरा।
मोहब्बत, अमन और इंसानियत की बात, रमज़ान है अल्लाह की सबसे बड़ी सौगात।
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आप इन खूबसूरत रमज़ान मुबारक शायरी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ WhatsApp, Facebook, Twitter, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर साझा कर सकते हैं। इन शेरों के ज़रिए मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम आसानी से दिल से दिल तक पहुंचाया जा सकता है।